
*भदौरा सीएचसी पर जांच मशीनों और कर्मचारी की कमी के चलते मरीजों की जांच नहीं ,मरीज प्राइवेट पैथोलॉजी में जाने को विवश

G R News network editor in chief ved Prakash shrivtastav
सेवराई ।भदौरा में बने सी एच सी में मरीजों की कई प्रकार की जांच नहीं हो पा रही है। अस्पताल में पैथालॉजी तो बना दिया गया है , लेकिन जांच मशीन व मैन पावर की कमी बरकरार है। इस कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में खून जांच, यूरिन जांच अल्ट्रासाउंड समेत कई महत्वपूर्ण जांचें नहीं हो रही है। नतीजतन मरीजों को प्राइवेट पैथालॉजी का सहारा लेना पड़ रहा है। इस कारण अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड लैब फल फूल रहा है। अत्याधुनिक तरीके से तैयार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी के साथ ही डॉक्टर्स रूम, स्टोर रूम की व्यवस्था तो है लेकिन जांच की सुविधा और डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। सी एच सी भदौरा के आस पास करीब दो दर्जन से अधिक गांव के लोग गंभीर बीमारियों के लिए यहां आते हैं। सी एच सी पर कई समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ है। भव्य भवन रहने के बाद भी दावा, जांच डॉक्टर्स की पर्याप्त तैनाती न होने से मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों की इस ओर कोई रुचि नहीं रहती है। हालांकि वे चुनाव के समय जरूर मतदाताओं को स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने का आश्वासन देते है। हाल ही में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदौरा का निरीक्षण जिले से आई चिकित्सकीय टीम के द्वारा किया गया था।इसके बाद भी भदौरा सी एच सी में कोई बदलाव नहीं हो सका। महिला डॉक्टर की कमी होने के चलते महिला मरीजों को परेशानी होती है। इस संबंध मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुनील कुमार पांडेय का कहना है कि सी एच सी पर कई प्रकार की जांच सुविधाओं के निर्देश दिए गए है।







