
*राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ डीएम ने की बैठक*

GRNews Network editor in chief ved Parkash Srivastava
गाजीपुर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता मे मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय/राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रट सभागार मे सम्पन्न हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों व निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक में सभी राजनीतिक दलों को बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति करने तथा मतदाता सूची में सेक्शन व पार्ट को यथाआवश्यक सही करने में सहयोग करने हेतु अनुरोध किया गया। इसमे किसी भी स्तर पर लापरवाही न की जाए, त्रुटि रहित मतदाता सूची बनाने हेतु विशेष प्रयास किया जाए। उन्होने राजनीतिक दलों से सहयोग की अपेक्षा भी की । बैठक मे उन्होने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1200 मतदाताओं के आधार पर मतदेय स्थलों के सम्भाजन की कार्यवाही की जानी है। सम्भाजन से पूर्व निर्वाचक नामावली में नये अनुभागों को जोड़े जाने के निर्देश है। इस सम्बन्ध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देश दिये है कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन की कार्यवाही के दौरान मतदेय स्थलों में अनुभागों की संख्या कम होने के कारण मतदाता सूची प्रायः मतदाताओं की संख्या के आधार पर विभाजित कर दी जाती है, जिसका परिणामस्वरूप एक ही परिवार के मतदाता अलग-अलग भागों में चले जाते है।
जिसके कारण राजनैतिक दलों एवं जनसामान्य से शिकायते प्राप्त होती है। उन्होने कहा कि नये अनुभाग इस प्रकार जोड़े जाये कि कोई भी परिवार विभाजित न हो। परिवार के सभी सदस्य एक ही अनुभाग तथा एक ही स्थान पर रखा जाये। एक ही इमारत में रहने वाले परिवारों को एक ही स्थान पर रखा जाये।. एक ही गली में रहने वाले मतदाताओं को एक ही भाग में रखा जाये। उन्होने कहा कि मतदाताओं को मतदेय स्थल में इस प्रकार रखा जाये कि किसी मतदाता को 2 किमी से अधिक की दूरी तय न करनी पड़े और किसी प्राकृतिक बाधा को पार करने की आवश्यता न पड़े। इस हेतु सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बी०एल०ओ० के छोटे-छोटे समूहों के साथ टेबल टाप एक्सरसाइज एवं राजनैतिक दलों से विचार-विमर्श कर मतदेय स्थलों के अन्दर अधिक से अधिक अनुभागों का सृजन किया जाये ताकि मतदेय स्थलों के सम्भाजन के दौरान मतदेय स्थलों के पुर्नगठन में मतदाता सूची को अनुभागवार विभाजित किया जा सकें। उन्होने कहा कि यदि कोई मतदेय स्थल क्षतिग्रस्त, जर्जर, ध्वस्त, मतदाता की दूरी अथवा मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के कारण यदि नया मतदेय स्थल बनाया जाना आवश्यक हो तो राजनैतिक दल इसकी लिखित सूचना अभी से ही सम्बन्धित उप जिलाधिकारी को दे दे ताकि समय पर स्थलीय सत्यापन कर परिवर्तन का प्रस्ताव आयोग को भेजा जा सके।








