संयम एवं विवेक से कार्य करें राजनीतिक दल- स्वामी नरेंद्रानंद*

GRNews Network editor in chief ved Parkash Srivastava
वाराणसी। दिनांक 18 अगस्त, काशी सुमेरू पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा कि चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा एवं विश्वसनीयता के प्रति सभी राजनीतिक दलों को संयम एवं विवेक से कार्य करना चाहिए। चुनाव आयोग एक स्वायत्तशासी संस्था है। भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने में चुनाव आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यकम के मुद्दे पर चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है। शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती काशी स्थित शंकराचार्य आश्रम में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के मुद्दे को लेकर उठे विवाद पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। शंकराचार्य ने कहा कि हर चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यकम एक नियमित प्रकिया है। इसमें घर-घर जाकर सरकारी कर्मचारी मतदाताओं का पुनरीक्षण करते हैं। इसमें मतदाता सूची में यदि विसंगति पायी जाती है तो उसे संशोधित करते हैं। यदि इसमें जाने या अनजाने कोई गलती होती है तो राजनीतिक दलों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं को भी चाहिए कि वे इसमें स्थानीय स्तर पर ही सुधार करवायें। इसे ‘वोट चोरी’ का नाम देकर किसी राजनीतिक पार्टी को टारगेट करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्ता तो आती-जाती रहती है। जो दल आज सत्ता में है वह कल विपक्ष में जा सकता है लेकिन चुनाव आयोग तो स्थायी रहेगा। ‘वोट चोरी’ का काल्पनिक मुद्दा उछालकर चुनाव आयोग एवं सत्ताधारी दल को बदनाम करना उचित नहीं है। यह देश की जनता को भ्रमित करेगा, साथ ही भारतीय लोकतंत्र को दुनिया शक की निगाह से देखेगी। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है। उसे भ्रम एवं संशय में डालना उचित नहीं है। गलतियों को सुधारने के लिए शासन ने उचित व्यवस्था की है। इसे कई स्तरों पर दुरूस्त किया जाता है। फिर भी यदि कोई गलती रह जाती है तो उसे वहीं दुरूस्त करवाया जा सकता है। इसके लिए चुनाव आयोग को ही दोषी ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने सभी दलों के प्रमुख नेताओं से अपील की है कि वे अपनी नाकामी छिपाने के लिए एक दूसरे पर दोषारोपण करना बंद कर दें। यदि हर चुनाव को ‘वोट चोरी का बहाना बनाकर गलत साबित करने की कोशिश जारी रही तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जायेगा। देश में अराजकता फैल जायेगी जिसका फायदा देश विरोधी शक्तियां उठायेंगी।

















