दारोगा का हांथ अपराधियों के साथ *

**GRNews Network Brodcost centre editor in chief Ved Prakash Srivastava
मीरजापुर। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त दिशा निर्देशों के बावजूद पुलिस के चाल चरित्र चेहरे मे जमीन पर कोई अंतर नजर नहीं आता। पुलिस अपराधियों से गलबहियां करती है, सम्मानित नागरिकों को ज्ञान देती है की अपराधियों के खिलाफ नहीं बोलना चाहिए।
पुलिस के चाल चरित्र चेहरे को समझने के लिए दो नजीर देश पथ पुलिस प्रशासन के आला अफसरानों के विशेष संज्ञान हेतु प्रस्तुत कर रहा है –
*नज़ीर नंबर एक-*
*घटना स्थल – रेलवे क्रासिंग रोड*
घटनाक्रम -नशे मे धुत ई रिक्शा लोडर का चालक करन चौरसिया पुत्र संतोष चौरसिया विपरीत पटरी से अनियंत्रित गति से आता है एक्सीडेंट करता है,राजन वर्मा नामक विकलांग और असगर अली नामक रेल्वे वेंडर घायल होते हैं। विकलांग राजन वर्मा के हांथ की हड्डी टूटती है, विकलांग की पत्नी भी विकलांग है.राजन झोले में मूंगफली बेच कर पेट पालता है। दारु के नशे में धुत ई रिक्शा लोडर चालक करन चौरसिया घायलों से मार पीट करता है ,दुर्घटना देश पथ के सलाहकार सम्पादक ,समीक्षक ,निष्काम ,निःस्वार्थ भाव से पीड़ितों की मदद करने वाले सोशल एक्टिविस्ट राजीव कुमार ओझा के सामने हुई थी। उन्होंने पुलिस उपाधीक्षक मंजरी राव को उनके सीयूजी नंबर पर इस दुर्घटना की जानकारी दी ,जानकारी व्हाट्सएप पर माँगी गई तो वहां भी जानकारी दी। विकलांग गंभीर घायल था ,उसके टूटे हाँथ में रॉड डालना पड़ा ,इस गरीब ने ब्याज पर कर्जा लेकर अस्पताल का खर्चा बहन किया। पुलिस उपाधीक्षक के निर्देश पर इस दुर्घटना में घायल हुआ दूसरा पीड़ित असगर अली चुनार कोतवाली गया।,तहरीर दी ,तहरीर हल्का दरोगा राजेश राय को सौंपी गई ,सड़क पर नशे में धुत हाल में व्यावसायिक वाहन चलाने ,आए दिन दुर्घटना करने ,घायलों से गुंडागर्दी करने वाले करन चौरसिया को दारोगा जी संरक्षण देते रहे। कोई कार्रवाई न की जबकि दरोगा जी को करन चौरसिया के पिता ने भी बताया की उसका दारुबाज बेटा उसे भी मारता पीटता है ,साहब उसे जेल भेजिए। दारोगा जी के कान पर जूँ नहीं रेंगी। नशे में धुत हाल में उक्त करन चौरसिया कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाता छुट्टा घूम रहा है।
*नजीर नंबर दो *-*
घटना स्थल – दूर संचार निगम लिमिटेड से सेवा निवृत्त हुए कर्मचारी स्वर्गीय मारकंडे शर्मा का चुनार रेलवे हॉस्पिटल के सामने स्थित मकान ,मकान के भूतल की रहवासी मारकंडे शर्मा की पुत्री रेखा शर्मा ,निजी क्षेत्र के स्कूल में टीचर
मकान के प्रथम तल के स्थाई रहवासी स्वर्गीय मारकंडे शर्मा का पुत्र भरत कुमार शर्मा ,पुत्र वधू पुनिता शर्मा पुत्र तथा पुत्र वधु का पेशा अज्ञात , प्रथम तल के प्रवासी रहवासी नशेड़ी आवारा अराजक तत्व। परिवार के खर्च का श्रोत अज्ञात ,यह शोध का विषय है ।
घटना क्रम -प्रथम तल के प्रवासी रहवासी आवारा अराजक तत्वों के लिए भूतल की रहवासी स्वर्गीय मारकंडे शर्मा की पुत्री रेखा शर्मा बाधक है । रेखा शर्मा से मुक्ति का खुराफाती तरीका उसके भाई ,भाभी और अराजक तत्वों ने यह निकाला की भूतल की बिजली ,पानी का कनेक्शन काट दिया । पड़ोस के पूर्व सभासद कुंवर सूर्य प्रताप सिंह ने देश पथ के सलाहकार सम्पादक ,समीक्षक ,निष्काम ,निःस्वार्थ भाव से पीड़ितों की मदद करने वाले सोशल एक्टिविस्ट राजीव कुमार ओझा से पीड़िता रेखा शर्मा की मदद करने का निवेदन किया और पीड़िता को उनके पास भेजा। समस्या का समाधान रात को संभव न था ,रेखा शर्मा को दूर संचार निगम लिमिटेड की सेवानिवृत्त कर्मचारी रम्पा देवी के यहां शरण लेनी पड़ी ,बाद में श्री ओझा के हस्तक्षेप से भूतल की बिजली पानी की आपूर्ति बहाल हुई। भू तल पर मौजूद जिस बाधा को बिजली पानी की आपूर्ति ठप्प कर उक्त भरत शर्मा ,उसकी पत्नी पुनिता शर्मा और अराजक तत्वों ने दूर करने की साजिश रची वह श्री ओझा के हस्तक्षेप के कारण फेल हो गई। अब इनके निशाने पर श्री ओझा भी आ गए। बाधा मुक्ति का दूसरा फार्मूला यह अपनाया गया की भरत शर्मा ,पुनिता शर्मा और उसके यहां आवारा अराजक तत्वों में शामिल सीनियर आवारा दारुबाज उक्त करन चौरसिया ने नई साजिश रची ,जिसके तौर तरीके से उक्त हल्का दरोगा राजेश राय की भूमिका भी प्रतिबिंबित होती है। इस साजिश का पार्ट वन था रेखा शर्मा के अंदर प्राणभय और उसकी मदद करने वाले वरिष्ठ संपादक श्री राजीव कुमार ओझा के लिए अपनी प्रतिष्ठा पर आंच आने का भय पैदा करना। इस फार्मूले के तहत रेखा शर्मा को उक्त भरत शर्मा और करन चौरसिया ने मारने के लिए दौड़ाया ,वह किसी तरह अपने कमरे में पहुँची और खुद को कमरे में बंद कर 112 नंबर पर फोन कर प्राण रक्षा की गुहार लगाईं ,उक्त भरत शर्मा और करन चौरसिया श्री ओझा के पास पहुंचे और उन्हें उठा ले जाने की धमकी देने लगे। इतने घटना क्रम के बाद इंट्री होती है पुलिस की जिसे उक्त रेखा शर्मा बताती है की उसे प्रताड़ित करने वाले ,उसे मार डालने की धमकी देने वाले भरत शर्मा और करन चौरसिया प्रथम तल पर मौजूद हैं लेकिन पुलिस संज्ञान नहीं लेती। हल्का दरोगा राजेश राय को भी सारी बात बताती है लेकिन दरोगा जी ने कोई संज्ञान नहीं लिया। राजेश राय श्री ओझा को किस्से कहानी सुना कर उनके मन मस्तिष्क में ज्ञान की यह चाशनी घोलने लगे की आप प्रतिष्ठित आदमी हैं ,भरत शर्मा की औरत आप पर आरोप लगा कर बदनाम कर देगी। यह दरोगा मुल्जिमों को तलाशने का ड्रामा करता रहा ,मुल्जिम रेखा शर्मा को मनोवैज्ञानिक स्तर पर यह कह कर तोड़ते रहे की पुलिस बुला कर तुमने क्या उखाड़ लिया। रेखा शर्मा ने थाना दिवस पर अपनी व्यथा लिपिबद्ध कर आवेदन दिया उसे समझा बुझा कर घर भेज दिया गया। रेखा शर्मा ने मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल को पुरे घटना क्रम की जानकारी देते हुए प्राण रक्षा की गुहार भी लगाईं है अपनी माँ की संदिग्ध मौत की जांच की मांग की है। इस घटना क्रम में भी दरोगा जी का हाँथ अपराधियों के साथ है इसकी पुष्टि इस बात से भी होती है की उक्त करन चौरसिया का पिता संतोष चौरसिया हल्का दरोगा राजेश राय से लगातार गुहार लगा रहा है की साहब उसको गिरफ्तार कीजिए ,उसे जेल भेजिए लेकिन दरोगा जी का हाँथ अपराधियों के माथ है।
पीड़िता ने बताया है कि हल्का दरोगा राजेश राय ने उससे मानसिक दबाव डालकर सुलहनामा पर हस्ताक्षर करा लिया।पीड़िता रेखा शर्मा ने कोतवाल चुनार को जो आवेदन दिया है उसमे उसने अपने भाई ,भाभी और करन चौरसिया द्वारा टार्चर और अपनी ह्त्या की बात कही है। उक्त दरोगा ने इस अति गंभीर मामले में जिस सुलहनामे पर पीड़िता से हस्ताक्षर कराया उसमे अराजक तत्व करन चौरसिया की गुंडागर्दी का कोई जिक्र नहीं है। पीड़िता ने मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल ,एवं उनके पीए को दरोगा की सुलहनामा की भूमिका की जानकारी देते हुए कहा है दरोगा राजेश राय ने उसकी बात नहीं सूनी। पीड़िता ने मंडलायुक्त को बताया है की वह अकेली लड़की है ,उसकी जान को ख़तरा है पुलिस उसकी न तो सुनने को तैयार है ,न ही उसे न्याय मिला है।







