
भगवान् श्री परशुराम के पदचिन्हों पर चलकर ही आतंकवाद का सफाया संभव है – डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता* -*

-GRNews network Brodcost centre editor in chief Ved Prakash Srivastava
वाराणसी lमहानगर के तेलियाबाग अथर्व फेमिली सभागार में काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुलसचिव एवं अखिल भारतीय लेखक कवि कलाकार परिषद् के संस्थापक कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक एवं आर्या पब्लिकेशन लखनऊ के प्रधान संपादक सौरभ पाण्डेय के प्रमुख संयोजन/संचालन में भगवान् श्री परशुराम स्मृति काव्य महाकुंभ एवं सम्मान समारोह का आयोजन कुलाधिपति कवि सुखमंगल सिंह मंगल एवं नादान परिंदे साहित्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुबाष चन्द्र ने भगवान् श्री परशुराम को माल्यार्पण कर किया। वाणी वन्दना एवं स्वागत गान इंद्रजीत तिवारी निर्भीक एवं सिद्धनाथ शर्मा सिद्ध ने संयुक्त रूप से किया। उक्त अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को काशी हिन्दी विद्यापीठ द्वारा विद्या -वाचस्पति विशेष मानद सम्मान एवं भगवान् श्री परशुराम स्मृति सम्मान भी कुलाधिपति कवि सुखमंगल सिंह मंगल एवं उप कुलपति डॉ. महेन्द्र तिवारी अलंकार ने भेंट किया।
मुख्य अतिथि राष्ट्रवादी हिंदू शक्ति वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता, अतिविशिष्ट अतिथि सार्जेंट अभिमन्यु पाण्डेय, सिद्धनाथ शर्मा सिद्ध, हिन्दू फंड के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रिंस शर्मा,डॉ.सुबाष चन्द्र, झरना मुखर्जी ने अपने – अपने उदबोधन के दौरान कहा कि भगवान् श्री परशुराम के पदचिन्हों पर चलकर ही आतंकवाद का सफाया संभव है। जहां भी आतताई पकड़े जाय। उन्हें आम जनता को सौप दिया जाय। उनसे निपटने के लिए सुरक्षा तंत्र से जुड़े लोगों को पूरी छूट दिया जाय। जिससे निर्दोष लोगों के खून खराबे की जो कूटनीति भारत के अन्दर और बाहर के गद्दार कर रहे हैं।उनकी रूहें कांप जाय। पाकिस्तान और पड़ोसी अन्य जो भी देश भारत के अन्दर घिनौनी मानसिकता से ग्रस्त हो उन्हें खुलकर सबक सिखाया जा सके।
मुख्य संरक्षण निराला शब्द संवाद मंच के संस्थापक/अध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश द्विवेदी ओम्,
स्वागत संरक्षक प्रकाश कुमार श्रीवास्तव गणेश, डॉ .एवं अखिल भारतीय लेखक कवि कलाकार परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. प्रमोद वाचस्पति सलिल जौनपुरी,प्रदेश अध्यक्ष नन्दलाल मणि त्रिपाठी, महिला शाखा की प्रदेश अध्यक्ष अनीता मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया ।
अध्यक्षीय संबोधन करते हुए आयोजन अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र तिवारी अलंकार ने कहा कि भगवान् श्री परशुराम ने केवल हैहय वंशीय आततायियों का संहार किया था।उनका बचपन में राम नाम था।जब दिव्यास्त्र भगवान् शंकर जी ने उनके साधना से प्रसन्न होकर दिया तो उनका नाम परशुराम हुआ।
काव्य पाठ एवं सम्मान समारोह में प्रमुख रूप से हास्य कवि अनुज प्रताप सिंह अनुज- रायबरेली, कवि संतोष कुमार पाण्डेय -अनुपम श्रीवास्तव, अमित शर्मा -प्रयागराज, सचिन सिंह, विपिन शुक्ल,राजन, चिंतित बनारसी,अनुज दुबे, रोहित पाण्डेय, ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को झकझोर दिया।
भगवान् श्री परशुराम स्मृति सम्मान रोहित शर्मा, श्रुति सिंह सहित अनेकों लोगों को भी भेंट किया गया।
धन्यवाद आभार मुख्य संयोजक द्वय कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक एवं सौरभ पाण्डेय ने संयुक्त रूप से किया।




















