*रमजान रहमत व बरकत का महीना है ******मोहसिन रजा खान*

GRNews Network editor in chief ved Prakash shrivtastav
सेवराई ।माहे रमजान की खुशियां हर तरफ देखने को मिल रही हैं। रोजा सुबह सहरी के साथ ही शुरू होता है। रोजा रखने के लिए मुस्लिम समाज के नौजवान, बुजुर्ग, महिलाएं एवं बच्चों में भी उत्साह दिख रहा है। मस्जिदों से मोअज्जिन की ‘जागो रोजदारों जागो’ की पुकार सुबह 3:30 बजे से गूंज रही है। रोजेदार सहरी के लिए बिस्तर छोड़कर उठ रहे हैं।
राबिया बसरिया लील बनात मदरसा उसिया के नाजिम आला मुक्ति मोहसिन राजा खान के अनुसार रमजान रहमत और बरकत का महीना है। इस दौरान एक नेकी का सत्तर गुना सवाब मिलता है। यह महीना अल्लाह को प्रसन्न करने का विशेष अवसर है। रोजेदार दिन में रोजा रखने के बाद घरों और मस्जिदों में इफ्तार करते हैं। नमाज ईशा के बाद छठवीं तराविह संपन्न होगी।
कमसार-ओ-बार क्षेत्र के उसिया, रकसहा, मनिया, बारा, गोड़सरा, कुर्रा, मिर्च, सरैला, देवईथा और बहुआरा गांवों की मस्जिदों में विशेष इबादत हो रही है। मुस्लिम समाज के युवा, बुजुर्ग और महिलाएं रोजे रख रहे हैं। 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए रोजा फर्ज है। छोटे बच्चे भी अल्लाह की रहमत पाने के लिए रोजे रख रहे हैं। वे कुरान की तिलावत के साथ देश की सलामती की दुआ भी मांग रहे हैं।







